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शून्य ध्यान – अपने भीतर के शून्य का अनुभव

शून्य का क्या महत्व है? शून्य को अंग्रेज़ी में ‘एमप्टिनेस’ (खालीपन) कह सकते हैं। हालाँकि अंग्रेज़ी का शब्द ‘एमप्टिनेस’ शून्य के...

आध्यात्मिक ज्ञान : सब कुछ मिलने पर भी क्यों है अधूरापन?

मन की प्रकृति है संग्रह करना मन की प्रकृति हमेशा ही संग्रह करने की होती है। जब यह स्थूलरूप...

समाधि की अवस्था कैसी होती है?

समाधि की लालसा से बच नहीं सकते अस्तित्व दो चीजों से मिलकर बना है – ‘वह जो है’ और...

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जानें इड़ा, पिंगला और सुषुम्ना का रहस्य

अगर आप रीढ़ की शारीरिक बनावट के बारे में जानते हैं, तो आप जानते होंगे कि रीढ़ के दोनों ओर दो छिद्र...

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तिब्बत के गुरु मिलारेपा : तंत्र से ज्ञान तक का सफर

अतीत में एक समय ऐसा भी था, जब तिब्बत देश पूरी तरह अध्यात्म और मानवीय चेतना को समर्पित था। तिब्बत की जमीन...

ईश्वर : जो आपकी मान्यताओं व निष्कर्षों से परे है

किसी व्यक्ति को, अपनी मान्यताओं द्वारा बनायी गयी मानसिकता के परे जा कर देखने और यह स्वीकार करने के लिये कि...

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